BPSC TRE 3.0 भौतिकी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024) आधिकारिक उत्तर सहित

BPSC TRE 3.0 भौतिकी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024) आधिकारिक उत्तर सहित

BPSC TRE 3.0 भौतिकी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024): भाग III के भौतिकी के सभी 80 प्रश्न, BPSC की आधिकारिक संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी और हर प्रश्न की छोटी व्याख्या के साथ।

BPSC TRE 4.0 में 33,320 शिक्षक पदों पर आवेदन चल रहे हैं, जिनमें 16,540 पद कक्षा 11–12 के हैं। आपका विषय 150 में से 80 अंक का होता है, इसलिए पिछला पेपर हल करना भौतिकी में BPSC का स्तर समझने का सबसे अच्छा तरीका है।

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विषय सूची

BPSC TRE 3.0 भौतिकी (कक्षा 11–12): परीक्षा का विवरण

परीक्षाBPSC विद्यालय अध्यापक (पुनः) परीक्षा, TRE 3.0 (विज्ञापन सं. 22/2024)
विषयभौतिकी, कक्षा 11–12
परीक्षा तिथि22 जुलाई 2024, पहली पाली
पेपर150 प्रश्न, 150 अंक, 2 घंटे 30 मिनट
भाग Iभाषा (क्वालीफाइंग): Q1–30
भाग IIसामान्य अध्ययन: Q31–70 (यहाँ हल करें)
भाग IIIभौतिकी: Q71–150 (इस पेज पर)
उत्तरBPSC संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी, पुस्तिका सीरीज़ E
BPSC द्वारा रद्द प्रश्नQ102

BPSC TRE 3.0 भौतिकी प्रश्न उत्तर सहित (Q71–150)

प्रश्न संख्या मूल प्रश्न पुस्तिका जैसी ही है। उत्तर BPSC की संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी से हैं; व्याख्या ExamYaari टीम ने लिखी है।

Q71. लोच का आयाम स्थिरांक है

(A) MLT⁻¹
(B) ML⁻¹T⁻²
(C) ML²T⁻¹
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) ML⁻¹T⁻²
व्याख्या: प्रत्यास्थता गुणांक = प्रतिबल ÷ विकृति; विकृति विमाहीन है, इसलिए इसकी विमा प्रतिबल जैसी = बल/क्षेत्रफल = MLT⁻²/L² = ML⁻¹T⁻²।

Q72. चार्जिंग RC सर्किट में विद्युत धारा i = i₀e−t/RC द्वारा दी जाती है, जहां i₀, R और C सर्किट के स्थिर पैरामीटर है और t समय है। t = 0 पर धारा परिवर्तन की दर है

(A) i₀/RC
(B) i₀
(C) −i₀/RC
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) −i₀/RC
व्याख्या: di/dt = −(i₀/RC)e−t/RC। t = 0 पर e⁰ = 1, अतः di/dt = −i₀/RC।

Q73. एक प्रक्षेप्य क्षैतिज के साथ θ कोण पर u गति से दागा जाता है। जब इसकी गति की दिशा क्षैतिज के साथ α कोण बनाती है तो इसकी गति होगी

(A) u cos θ / cos α
(B) u cos α / cos θ
(C) u cos θ
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) u cos θ / cos α
व्याख्या: क्षैतिज वेग नहीं बदलता: v cos α = u cos θ, इसलिए v = u cos θ / cos α।

Q74. निम्नलिखित में से कौन सा केवल परमाणु बल लगाता है?

(A) प्रोटॉन पर न्यूट्रॉन
(B) प्रोटॉन पर प्रोटॉन
(C) न्यूट्रॉन पर प्रोटॉन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता, इसलिए न्यूट्रॉन–प्रोटॉन या न्यूट्रॉन–न्यूट्रॉन के बीच केवल नाभिकीय बल लगता है, जबकि दो प्रोटॉनों के बीच विद्युत प्रतिकर्षण भी होता है। अतः (A) और (C) दोनों सही हैं, उत्तर (D)। (विकल्प C का हिंदी रूप गलत छपा है; अंग्रेज़ी रूप मान्य है — न्यूट्रॉन पर न्यूट्रॉन।)

Q75. 1 माइक्रोमीटर / 1 फेमटोमीटर =

(A) 10⁹
(B) 10⁻⁹
(C) 10⁶
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) 10⁹
व्याख्या: 1 μm = 10⁻⁶ m और 1 fm = 10⁻¹⁵ m, अतः अनुपात = 10⁻⁶/10⁻¹⁵ = 10⁹।

Q76. (250 ± 0.5) सेमी दूरी में प्रतिशत त्रुटि है

(A) 4%
(B) 0.04%
(C) 5%
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: प्रतिशत त्रुटि = (0.5/250) × 100 = 0.2%। यह किसी विकल्प में नहीं है, इसलिए उत्तर (E)।

Q77. भूमि के सन्दर्भ में एक नाव का वेग (3î + 4ĵ) m s⁻¹ है और भूमि के सन्दर्भ में पानी का वेग (−3î − 4ĵ) m s⁻¹ है, तो पानी के सन्दर्भ में नाव का वेग है

(A) 8ĵ m s⁻¹
(B) −6î − 8ĵ m s⁻¹
(C) 6î + 8ĵ m s⁻¹
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 6î + 8ĵ m s⁻¹
व्याख्या: पानी के सापेक्ष नाव का वेग = v(नाव) − v(पानी) = (3î + 4ĵ) − (−3î − 4ĵ) = 6î + 8ĵ m s⁻¹।

Q78. m₁ द्रव्यमान का एक पिंड v वेग से चलते हुए m₂ द्रव्यमान के दूसरे स्थिर पिंड से टकराता है। वे अन्तर्निहित हो जाते है। टक्कर के बाद परिणामी पिंड का वेग होगा

(A) (m₁ + m₂)v / m₂
(B) m₂v / (m₁ + m₂)
(C) m₁v / m₂
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: संवेग संरक्षण: m₁v = (m₁ + m₂)V, अतः V = m₁v/(m₁ + m₂)। कोई विकल्प मेल नहीं खाता, इसलिए उत्तर (E)।

Q79. वल्कनीकृत रबर इसका एक उदाहरण है

(A) तन्य
(B) नाजुक
(C) इलास्टोमेर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) इलास्टोमेर
व्याख्या: वल्कनीकृत रबर को बहुत खींचा जा सकता है और वह फिर अपने आकार में लौट आता है, इसलिए यह इलास्टोमेर है।

Q80. 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति का वेग कितना होना चाहिए, ताकि उसकी गतिज ऊर्जा 270 J हो जाए?

(A) 10 m s⁻¹
(B) 20 m s⁻¹
(C) 3 m s⁻¹
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 3 m s⁻¹
व्याख्या: ½mv² = 270 ⇒ v² = 2 × 270/60 = 9 ⇒ v = 3 m s⁻¹।

Q81. एक बर्तन में बर्फ का टुकड़ा पानी में तैर रहा है। जब बर्फ पानी में पूरी तरह पिघल जाएगी तो पानी की ऊँचाई

(A) वही रहेंगी
(B) बढ़ जाएगी
(C) घट जाएगी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) वही रहेंगी
व्याख्या: तैरती बर्फ अपने भार के बराबर पानी हटाती है। पिघलकर वह ठीक उतना ही पानी बनती है, इसलिए जल-स्तर वही रहता है।

Q82. जिस द्रव के लिए रेनॉल्ड्स संख्या का मान कम होता है इसका

(A) वेग कम है
(B) घनत्व कम है
(C) श्यानता का गुणांक उच्च है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: रेनॉल्ड्स संख्या = ρvD/η। वेग या घनत्व कम होने पर, या श्यानता अधिक होने पर यह घटती है, इसलिए तीनों विकल्प सही हैं और उत्तर (D) है।

Q83. हवा में एक धातु का वजन 210 ग्राम है, और पानी में यह 140 ग्राम है। पानी का घनत्व 1 g सेमी⁻³ है। धातु का विशिष्ट घनत्व है

(A) 7/4
(B) 7/6
(C) 7/2
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: आपेक्षिक घनत्व = हवा में भार ÷ पानी में भार की कमी = 210/(210 − 140) = 210/70 = 3। यह किसी विकल्प में नहीं है, इसलिए उत्तर (E)।

Q84. द्रव्यमान m और त्रिज्या r का एक गोला एक चिपचिपे माध्यम में स्वतंत्र रूप से गिर रहा है। इसका टर्मिनल वेग है

(A) m के सीधे आनुपातिक
(B) r के व्युत्क्रमानुपाती
(C) √r के व्युत्क्रमानुपाती
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: टर्मिनल वेग पर भार और स्टोक्स कर्षण बराबर होते हैं (उत्प्लावन नगण्य मानकर): mg = 6πηrv, अतः v = mg/(6πηr)। यह m के अनुक्रमानुपाती और r के व्युत्क्रमानुपाती है, इसलिए (A) और (B) दोनों सही हैं और BPSC का उत्तर (D) है।

Q85. एक लिफ्ट में ऊपर की ओर गति करते हुए रखा गया बैरोमीटर 76 सेमी दर्शाता है। लिफ्ट में हवा का दबाव है

(A) 76 cm
(B) < 76 cm
(C) > 76 cm
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) > 76 cm
व्याख्या: ऊपर त्वरित लिफ्ट में पारे पर प्रभावी g बढ़ जाता है, P = hρ(g + a)। इसलिए 76 cm का स्तंभ सामान्य g पर 76 cm पारे से अधिक दाब दर्शाता है।

Q86. वेंचुरी मीटर की कार्यप्रणाली आधारित है

(A) बर्नौली का सिद्धांत पर
(B) टोरिसेली का नियम पर
(C) स्टोक्स के नियम पर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) बर्नौली का सिद्धांत पर
व्याख्या: वेंचुरी मीटर संकरे भाग पर दाब में कमी से प्रवाह वेग मापता है, जो बर्नौली के सिद्धांत पर आधारित है।

Q87. सेल्सियस और फारेनहाइट पैमाने पर अवलोकन बराबर हो जाते हैं

(A) −273.15°C पर
(B) −100°C पर
(C) 0°C पर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: F = 9C/5 + 32 में F = C रखने पर C = −40 आता है। दोनों पैमाने −40° पर बराबर होते हैं, जो विकल्पों में नहीं है; उत्तर (E)।

Q88. रूद्धोष्म प्रक्रिया में एक आदर्श गैस के लिए दबाव और तापमान के बीच संबंध होता है

(A) P1−γ T^γ = स्थिरांक
(B) Pγ−1 T^γ = स्थिरांक
(C) P^γ T1−γ = स्थिरांक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) P1−γ T^γ = स्थिरांक
व्याख्या: PV^γ = स्थिरांक में V ∝ T/P रखने पर P(T/P)^γ = स्थिरांक, अर्थात P1−γ T^γ = स्थिरांक।

Q89. एक आदर्श गैस में एक प्रक्रिया के लिए dW = 0 और dQ < 0, तो उस गैस के लिए

(A) तापमान बढ़ेगा
(B) तापमान में कमी आएगी
(C) दबाव वही रहेंगा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) तापमान में कमी आएगी
व्याख्या: प्रथम नियम: dU = dQ − dW = dQ < 0। आदर्श गैस की आंतरिक ऊर्जा तभी घटती है जब तापमान घटे, इसलिए तापमान में कमी आएगी।

Q90. एक कार्नोट इंजन 1000 K और 500 K के बीच कार्य करता है। इंजन प्रति चक्र 210 J यांत्रिक कार्य करता है। ऊष्मा स्रोत से प्रति चक्र इंजन को आवश्यक ऊष्मा की मात्रा होगी

(A) 500 Cal
(B) 200 Cal
(C) 100 Cal
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 100 Cal
व्याख्या: दक्षता η = 1 − 500/1000 = 0.5, अतः ली गई ऊष्मा Q = W/η = 210/0.5 = 420 J = 420/4.2 = 100 cal।

Q91. ताप पंप का प्रदर्शन गुणांक

(A) 1 से बड़ा है
(B) 1 से कम है
(C) अनंत नहीं हो सकता
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: ताप पंप का COP = Q₁/W = Q₁/(Q₁ − Q₂), जो सदा 1 से अधिक होता है; यह अनंत तभी होता जब कोई कार्य न लगे, जो द्वितीय नियम के विरुद्ध है। अतः (A) और (C) सही हैं: उत्तर (D)।

Q92. किसी गैस का आयतन चार गुना करने के लिए

(A) इसका तापमान चार गुना कर देना चाहिए
(B) इसका दबाव चार गुना बनाना चाहिए
(C) इसका तापमान स्थिर दबाव पर चार गुना कर देना चाहिए
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) इसका तापमान स्थिर दबाव पर चार गुना कर देना चाहिए
व्याख्या: चार्ल्स के नियम से V ∝ T केवल स्थिर दाब पर होता है, इसलिए स्थिर दाब पर (परम) तापमान चार गुना करना होगा। दाब बढ़ाने से आयतन घटेगा।

Q93. एक छोटे से बंद कमरे में अगर पंखा चालू रखा जाए तो कमरे का तापमान

(A) कम होता है
(B) बढ़ता है
(C) वही रहता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) बढ़ता है
व्याख्या: पंखा हवा को ठंडा नहीं करता; उसकी विद्युत ऊर्जा अंततः बंद कमरे में ऊष्मा बन जाती है, इसलिए कमरे का तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है।

Q94. गैस अणुओं का माध्य मुक्त पथ

(A) अणु के व्यास के सीधे आनुपातिक है
(B) अणु के व्यास के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है
(C) अणु के व्यास के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) अणु के व्यास के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है
व्याख्या: माध्य मुक्त पथ λ = 1/(√2 π d² n), अतः यह अणु के व्यास d के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है।

Q95. एक कण एक समान गति से वृत्ताकार पथ पर चलता है। इसकी गति है

(A) सरल हार्मोनिक
(B) दोलक
(C) आवधिक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) आवधिक
व्याख्या: एकसमान वृत्तीय गति हर चक्कर के बाद दोहराई जाती है, इसलिए यह आवर्ती है। यह किसी माध्य स्थिति के इधर-उधर नहीं होती, अतः न दोलनी है न सरल आवर्त।

Q96. पृथ्वी पर सही समय बताने वाली एक पेंडुलम घड़ी को चंद्रमा पर ले जाया जाता है। यह चलेगा

(A) 6 गुना तेज
(B) √6 गुना तेज
(C) √6 गुना धीमा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) √6 गुना धीमा
व्याख्या: T = 2π√(l/g)। चंद्रमा पर g लगभग g/6 है, इसलिए T √6 गुना बढ़ जाता है और घड़ी √6 गुना धीमी चलती है।

Q97. सरल आवर्त गति करते हुए एक कण पर लगने वाला परिणामी बल 4 N है जब यह दोलन के केंद्र से 10 सेमी दूर है। कमानी स्थिरांक होगा

(A) 40 N m⁻¹
(B) 80 N m⁻¹
(C) 0.4 N m⁻¹
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) 40 N m⁻¹
व्याख्या: F = kx ⇒ k = 4 N / 0.10 m = 40 N m⁻¹।

Q98. एक अप्रगामी तरंग में

(A) माध्यम के सभी कण चरण में कंपन करते हैं
(B) क्रमागत नोड्स के बीच के सभी कण चरण में कंपन करते हैं
(C) वैकल्पिक एंटीनोड्स चरण में कंपन करते हैं
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: अप्रगामी तरंग में दो पास-पास के निस्पंदों के बीच के सभी कण एक ही कला में कंपन करते हैं और हर लूप अगले से विपरीत कला में होता है, इसलिए एकांतर प्रस्पंद एक ही कला में होते हैं। (B) और (C) सही हैं, उत्तर (D)।

Q99. वायु में ध्वनि का वेग 332 m s⁻¹ है। निर्वात में इसका वेग होगा

(A) > 332 m s⁻¹
(B) < 332 m s⁻¹
(C) = 332 m s⁻¹
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: ध्वनि को चलने के लिए माध्यम चाहिए, वह निर्वात में बिल्कुल नहीं चलती, इसलिए कोई भी दिया गया वेग सही नहीं; उत्तर (E)।

Q100. निम्नलिखित में से कौन यांत्रिक तरंग है?

(A) रेडियो तरंग
(B) माइक्रोवेव
(C) प्रकाश तरंग
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: रेडियो तरंग, माइक्रोवेव और प्रकाश सभी विद्युत-चुंबकीय तरंगें हैं जिन्हें माध्यम नहीं चाहिए। इनमें कोई यांत्रिक तरंग नहीं है, इसलिए उत्तर (E)।

Q101. यांत्रिक तरंगों में स्थानांतरण होता है

(A) ऊर्जा का
(B) द्रव्य का
(C) आवृत्ति का
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) ऊर्जा का
व्याख्या: यांत्रिक तरंग में कण केवल अपनी जगह पर कंपन करते हैं; आगे ऊर्जा जाती है, द्रव्य नहीं।

Q102. एक स्थिर तरंग में दो क्रमिक नोड्स और एंटीनोड्स के बीच की दूरी होती है

(A) λ
(B) λ/4
(C) λ/2
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: प्रश्न रद्द (BPSC ने अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न हटा दिया)
व्याख्या: BPSC ने अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न रद्द (डिलीट) कर दिया। प्रश्न स्पष्ट नहीं है: दो क्रमागत निस्पंदों (या दो क्रमागत प्रस्पंदों) के बीच दूरी λ/2 होती है, जबकि निस्पंद और अगले प्रस्पंद के बीच λ/4।

Q103. एक समान सतह आवेश घनत्व σ धारित अनंत पतली समतल शीट से दूरी r पर विद्युत क्षेत्र

(A) r के व्युत्क्रमानुपाती है
(B) r से स्वतंत्र है
(C) σ से स्वतंत्र है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) r से स्वतंत्र है
व्याख्या: अनंत समतल चादर के लिए E = σ/(2ε₀)। यह σ पर निर्भर है, पर दूरी r पर नहीं।

Q104. विद्युत विस्थापन वेक्टर D

(A) विद्युत क्षेत्र को निर्वात में मुक्त आवेश से संबंधित करता है
(B) विद्युत क्षेत्र को अचालक माध्यम में मुक्त आवेश से संबंधित करता है
(C) D = ε₀E संबंध द्वारा निर्वात में विद्युत क्षेत्र से संबंधित है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) D = ε₀E संबंध द्वारा निर्वात में विद्युत क्षेत्र से संबंधित है
व्याख्या: सामान्यतः D = ε₀E + P, जहाँ P परावैद्युत के बद्ध आवेशों से आता है। निर्वात में P = 0, अतः D = ε₀E। BPSC की संशोधित कुंजी (6 नवंबर 2024) ने उत्तर (D) से बदलकर (C) किया।

Q105. किसी प्रवाहकीय तार से जुड़ने पर दो आवेशित पिंडों के बीच कोई धारा प्रवाहित नहीं होती, यदि उनमें समान

(A) क्षमता हो
(B) आवेश हो
(C) पोटेंशियल हो
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) पोटेंशियल हो
व्याख्या: आवेश केवल विभवांतर के कारण बहता है। यदि दोनों पिंड समान विभव पर हैं, तो उनके आवेश या धारिता कुछ भी हो, धारा नहीं बहेगी।

Q106. विद्युत धारा प्रवाहित करने वाले एक लंबे सीधे तार के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा है

(A) धारा की दिशा में
(B) रेडियल रूप से बाहर की ओर
(C) रेडियल रूप से अंदर की ओर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: क्षेत्र रेखाएँ तार के चारों ओर वृत्ताकार होती हैं, अतः क्षेत्र इन वृत्तों की स्पर्शरेखा पर होता है (दाएँ हाथ का अंगूठा नियम)। यह न धारा की दिशा में है न त्रिज्यीय, इसलिए उत्तर (E)।

Q107. अनुचुम्बकीय पदार्थ की पारगम्यता होती है

(A) निर्वात की तुलना में थोड़ी कम
(B) निर्वात की तुलना में थोड़ी अधिक
(C) निर्वात की तुलना से कहीं अधिक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) निर्वात की तुलना में थोड़ी अधिक
व्याख्या: अनुचुंबकीय पदार्थ की चुंबकीय प्रवृत्ति थोड़ी धनात्मक होती है, इसलिए μᵣ 1 से थोड़ा अधिक है: पारगम्यता μ₀ से थोड़ी अधिक। (प्रतिचुंबकीय में थोड़ी कम, लौहचुंबकीय में बहुत अधिक।)

Q108. यदि कोई आवेशित कण q चुंबकीय क्षेत्र B के समानांतर v वेग से प्रवेश करता है, तो आवेश कण पर चुंबकीय बल होता है

(A) 0
(B) qvB
(C) qB
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) 0
व्याख्या: F = qvB sin θ। क्षेत्र के समांतर चलने पर θ = 0 और sin 0 = 0, इसलिए बल शून्य है।

Q109. विद्युत चुम्बक के निर्माण में नरम लोहे का उपयोग किया जाता है क्योंकि –

(A) हिस्टैरिसीस का क्षेत्र बड़ा है
(B) प्रतिधारणशीलता अधिक है
(C) कोअर्सिव बल अधिक है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: नरम लोहा विद्युत चुंबक के लिए उपयुक्त है क्योंकि इसकी पारगम्यता अधिक, निग्राहिता कम और शैथिल्य लूप का क्षेत्रफल छोटा होता है, अतः यह आसानी से चुंबकित और विचुंबकित होता है। तीनों विकल्प उल्टी बात कहते हैं, इसलिए उत्तर (E)।

Q110. दो लंबे सीधे समानांतर कंडक्टर एक ही दिशा में समान स्थिर धाराएँ प्रवाहित करते हैं वह

(A) एक दूसरे को आकर्षित करेंगें
(B) एक दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगें
(C) न तो एक दूसरे को आकर्षित करेंगे और न ही प्रतिकर्षित करेंगे
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) एक दूसरे को आकर्षित करेंगें
व्याख्या: एक ही दिशा में धारा वाले समांतर तार एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं; विपरीत धाराएँ प्रतिकर्षित करती हैं। प्रति एकांक लंबाई बल = μ₀I₁I₂/(2πd)।

Q111. विद्युत चुम्बकीय तरंग के बारे में कौन सा कथन गलत है?

(A) विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र सदिश E और B परस्पर लंबवत हैं
(B) विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र वेक्टर E और B एक ही चरण में हैं
(C) विद्युत चुम्बकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: मुक्त आकाश में EM तरंग के लिए तीनों कथन सही हैं: E ⊥ B, E और B एक ही कला में दोलन करते हैं, और तरंग अनुप्रस्थ है। कोई कथन गलत नहीं, इसलिए उत्तर (E)।

Q112. आवेशित चालक की सतह पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता

(A) सतह पर सीधी खड़ी निर्देशित होती है
(B) सतह पर स्पर्श रेखीय रूप से निर्देशित होती है
(C) शून्य होती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) सतह पर सीधी खड़ी निर्देशित होती है
व्याख्या: चालक की सतह समविभव होती है, इसलिए वहाँ क्षेत्र का कोई स्पर्शरेखीय घटक नहीं होता और वह सतह के लंबवत होता है (परिमाण σ/ε₀)।

Q113. किसी दिए गए परवैद्युत के लिए, इलेक्ट्रॉनिक ध्रुवीकरण αₑ

(A) तापमान के साथ बढ़ता है
(B) तापमान के साथ घटता है
(C) तापमान से स्वतंत्र
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) तापमान से स्वतंत्र
व्याख्या: इलेक्ट्रॉनिक ध्रुवणता नाभिक के सापेक्ष इलेक्ट्रॉन मेघ के खिसकने से आती है, αₑ = 4πε₀R³ (R = परमाणु त्रिज्या)। अभिविन्यास ध्रुवणता के विपरीत यह तापमान पर निर्भर नहीं करती।

Q114. एक ट्रांसफार्मर के कार्य करने के लिए उत्तरदायी घटना है

(A) डॉपलर प्रभाव
(B) प्रेरण ऊष्मन
(C) पारस्परिक प्रेरण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) पारस्परिक प्रेरण
व्याख्या: प्राथमिक कुंडली में बदलती धारा द्वितीयक कुंडली से गुजरने वाले फ्लक्स को बदलती है और उसमें emf प्रेरित करती है; यही अन्योन्य प्रेरण है।

Q115. जब डीसी मोटर की गति बढ़ती है, तो आर्मेचर से विद्युत प्रवाह

(A) कम हो जाती है
(B) बढ़ती है
(C) वही रहती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) कम हो जाती है
व्याख्या: मोटर की गति बढ़ने पर पश्च emf e बढ़ता है, इसलिए आर्मेचर धारा I = (V − e)/R घटती है। (अंग्रेज़ी पुस्तिका में ‘armchair’ छपा है, जो armature की छपाई की गलती है।)

Q116. ऑप्टिकल फाइबर में कोर के पदार्थ का अपवर्तनांक होता है

(A) क्लैडिंग के बराबर
(B) क्लैडिंग से कम
(C) क्लैडिंग की तुलना में अधिक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) क्लैडिंग की तुलना में अधिक
व्याख्या: पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए प्रकाश को सघन से विरल माध्यम की ओर जाना चाहिए, इसलिए कोर का अपवर्तनांक क्लैडिंग से अधिक होता है।

Q117. समतल विद्युत चुम्बकीय तरंग में निम्नलिखित में से किसका औसत मान शून्य नहीं होता है?

(A) विद्युत ऊर्जा
(B) चुंबकीय ऊर्जा
(C) चुंबकीय क्षेत्र
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: क्षेत्र E और B धनात्मक-ऋणात्मक होते रहते हैं, इसलिए उनका औसत शून्य है। ऊर्जा घनत्व ½ε₀E² और B²/(2μ₀) कभी ऋणात्मक नहीं होते, उनका औसत शून्य नहीं। अतः (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q118. मैक्सवेल के समीकरण किसके मौलिक नियमों का प्रतिनिधित्व करते हैं

(A) विद्युत
(B) चुंबकत्व
(C) यांत्रिकी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: मैक्सवेल के चार समीकरण विद्युत और चुंबकत्व (विद्युतचुंबकत्व) के मूल नियम हैं, यांत्रिकी के नहीं। अतः (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q119. 10 वोल्ट का एक डीसी वोल्टेज RC श्रृंखला सर्किट पर लगाया जाता है, जिसमें R 50 Ω है और C 2000 μF है। सर्किट का समय स्थिरांक है

(A) 0.1 s
(B) 10 s
(C) .01 s
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) 0.1 s
व्याख्या: τ = RC = 50 × 2000 × 10⁻⁶ = 0.1 s। लगाए गए वोल्टेज से इस पर कोई असर नहीं।

Q120. एक एसी वोल्टेज v = vₘ sin ωt को XL प्रेरक प्रतिक्रिया के एक प्रेरक पर लगाया जाता है। प्रेरक में विद्युत प्रवाह, i होगा।

(A) i = Vₘ/XL
(B) i = (Vₘ/XL) sin(ωt + π/2)
(C) i = (Vₘ/XL) sin(ωt − π/2)
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) i = (Vₘ/XL) sin(ωt − π/2)
व्याख्या: शुद्ध प्रेरक में धारा वोल्टेज से π/2 पीछे रहती है और उसका शिखर मान Vₘ/XL होता है, अतः i = (Vₘ/XL) sin(ωt − π/2)।

Q121. यदि एक एसी विद्युत धारा i = Iₘ sin ωt एक प्रतिरोधक R से प्रवाहित होती है

(A) R में बिजली हानि नहीं होती है
(B) औसत बिजली हानि Iₘ² × R / 2 होगी
(C) बिजली की हानि क्षण क्षण में बदलती रहती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: तात्क्षणिक शक्ति i²R = Iₘ²R sin²ωt लगातार बदलती है, और sin²ωt का औसत ½ होने से इसका औसत Iₘ²R/2 है। अतः (B) और (C) सही: उत्तर (D)।

Q122. LCR सर्किट में डिस्चार्ज ऑसिलेटरी होगा यदि

(A) R² = 4L/C
(B) R² > 4L/C
(C) R² < 4L/C
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) R² < 4L/C
व्याख्या: डिस्चार्ज दोलनी (अवमंदित) तब होता है जब R² < 4L/C; R² = 4L/C क्रांतिक अवमंदन है और R² > 4L/C अति-अवमंदित।

Q123. एक सरल सर्किट में जिसमें प्रेरकत्व L और प्रतिरोध R होता है, और धारा I₀ का स्थिर मान होता है, धारा की वृद्धि की दर होती है

(A) स्थिर होती है
(B) R/L के समानुपाती होती है
(C) L/R के समानुपाती होती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) R/L के समानुपाती होती है
व्याख्या: वृद्धि के समय i = I₀(1 − e−Rt/L), अतः di/dt = (R/L)(I₀ − i) = (R/L)I₀e−Rt/L। वृद्धि दर R/L के समानुपाती है, जैसा BPSC की कुंजी कहती है।

Q124. प्रत्यावर्ती धारा या वोल्टेज किसके द्वारा उत्पन्न किया जा सकता है?

(A) एक स्थिर कुंडल में चुंबकीय क्षेत्र को घुमाना
(B) किसी कुंडली को स्थिर चुंबकीय क्षेत्र में घुमाना
(C) रेक्टिफायर सर्किट
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: कुंडली से गुजरने वाला फ्लक्स आवर्ती रूप से बदले तो AC emf बनता है, चाहे क्षेत्र घुमाएँ (प्रत्यावर्तित्र) या कुंडली। दिष्टकारी उल्टा काम (AC से DC) करता है। अतः (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q125. एक समानांतर LC सर्किट एक आवृत्ति fᵣ के लिए रिजेक्टर के रूप में काम करता है, तो fᵣ =

(A) 1/(2π√(LC))
(B) 1/√(LC)
(C) 2π√(LC)
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) 1/(2π√(LC))
व्याख्या: समांतर LC परिपथ अनुनाद पर अधिकतम प्रतिबाधा देता है (धारा अस्वीकार करता है), जहाँ fᵣ = 1/(2π√(LC))।

Q126. ac सर्किट में फॉर्म फैक्टर होता है

(A) औसत मूल्य से आरएमएस का अनुपात
(B) औसत और आरएमएस मूल्य का अनुपात
(C) अधिकतम मान से आरएमएस का अनुपात
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) औसत मूल्य से आरएमएस का अनुपात
व्याख्या: फॉर्म फैक्टर = rms मान ÷ औसत मान (साइन तरंग के लिए लगभग 1.11)।

Q127. उत्तल दर्पण के लिए

(A) छवि दूरी ≤ नाभीय दूरी है
(B) छवि दूरी ≥ नाभीय दूरी है
(C) छवि काल्पनिक है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: उत्तल दर्पण सदा ध्रुव और फोकस के बीच आभासी (काल्पनिक) प्रतिबिंब बनाता है, इसलिए प्रतिबिंब दूरी फोकस दूरी से अधिक नहीं होती। (A) और (C) सही: उत्तर (D)।

Q128. यदि v₁ और v₂ क्रमशः माध्यम 1 और माध्यम 2 में प्रकाश के वेग हैं, तो माध्यम 1 के संबंध में माध्यम 2 का अपवर्तनांक है

(A) v₁/v₂
(B) v₂/v₁
(C) v₁v₂
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) v₁/v₂
व्याख्या: ₁n₂ = n₂/n₁ = (c/v₂)/(c/v₁) = v₁/v₂।

Q129. परावर्तन के नियम सत्य है

(A) समतल दर्पण
(B) घुमावदार परावर्तक सतह
(C) कुल आंतरिक प्रतिबिंब
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: परावर्तन के नियम हर परावर्तक सतह के हर बिंदु पर लागू होते हैं, समतल हो या वक्र, और पूर्ण आंतरिक परावर्तन में भी। एक से अधिक विकल्प सही हैं, इसलिए उत्तर (D)।

Q130. यदि एक प्रिज्म को न्यूनतम विचलन कोण की स्थिति में व्यवस्थित किया जाए, तो

(A) आपतन कोण < उद्भव कोण
(B) आपतन कोण > उद्भव कोण
(C) आपतन कोण = उद्भव कोण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) आपतन कोण = उद्भव कोण
व्याख्या: न्यूनतम विचलन पर किरण प्रिज्म से सममित रूप से गुजरती है, अतः आपतन कोण = निर्गत कोण (i = e)।

Q131. रेले प्रकीर्णन में आपतित प्रकाश तरंग की तरंगदैर्ध्य होती है

(A) कण के आयाम से कम
(B) कण के आयाम से अधिक
(C) कण के आयाम के बराबर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) कण के आयाम से अधिक
व्याख्या: रेले प्रकीर्णन (तीव्रता ∝ 1/λ⁴) तब होता है जब प्रकीर्णक कण प्रकाश की तरंगदैर्ध्य से बहुत छोटे हों।

Q132. यंग के डबल–स्लिट प्रयोग में, दो क्रमिक फ्रिंजों के बीच की दूरी

(A) प्रकाश तरंग की आवृत्ति के समानुपाती है
(B) प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर है
(C) समान है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) समान है
व्याख्या: फ्रिंज चौड़ाई β = λD/d सभी फ्रिंजों के लिए समान है, इसलिए क्रमागत फ्रिंजें बराबर दूरी पर होती हैं। यह λ के समानुपाती है (आवृत्ति के नहीं) और तीव्रता पर निर्भर नहीं।

Q133. प्रकाश के ध्रुवीकरण में प्रकाश का कौन सा गुण बदलता है?

(A) आवृत्ति
(B) तरंगदैर्ध्य
(C) फ़ेज़
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: ध्रुवण विद्युत क्षेत्र के कंपन की दिशा को सीमित करता है (और तीव्रता घटाता है); आवृत्ति, तरंगदैर्ध्य या कला नहीं बदलती। इसलिए उत्तर (E)।

Q134. ब्रूस्टर के ध्रुवीकरण के नियम से यह कहा जा सकता है कि ध्रुवीकरण कोण निर्भर करता है

(A) प्रकाश की तरंगदैर्ध्य
(B) माध्यम का अपवर्तनांक
(C) ध्रुवीकरण के तल का घूर्णन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: ब्रूस्टर का नियम: tan θₚ = n। कोण अपवर्तनांक पर निर्भर है, और n तरंगदैर्ध्य के साथ बदलता है, इसलिए तरंगदैर्ध्य पर भी। (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q135. मानव शरीर अपने सामान्य तापमान पर

(A) स्पेक्ट्रम के दृश्य भाग में सबसे अधिक तीव्रता से विकिर्णन करता है
(B) स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में सबसे अधिक तीव्रता से विकिर्णन करता है
(C) स्पेक्ट्रम के रेडियो तरंग भाग में सबसे अधिक तीव्रता से विकिर्णन करता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में सबसे अधिक तीव्रता से विकिर्णन करता है
व्याख्या: वीन का नियम: λₘₐₓ = b/T ≈ 2.9 × 10⁻³ / 310 ≈ 9.4 μm, जो अवरक्त भाग में है।

Q136. किसी धातु का वर्क फंक्शन निर्भर करता है

(A) धातु के प्रकार पर
(B) धातु की सतह के प्रकार पर
(C) धातु पर आपतित विकिरण के प्रकार पर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: कार्य फलन धातु का और उसकी सतह की दशा (सफाई, परत, क्रिस्टल तल) का गुण है। यह आपतित विकिरण पर निर्भर नहीं करता। (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q137. आवृत्ति f के एक फोटॉन का संवेग किसके द्वारा दिया जाता है?

(A) hf/c
(B) c/hf
(C) hf
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) hf/c
व्याख्या: p = E/c = hf/c (अर्थात h/λ)।

Q138. बोह्र का मॉडल लागू किया जा सकता है

(A) हाइड्रोजन परमाणु
(B) He⁺ आयन
(C) इकाई विद्युत आवेश वाले सभी आयन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: बोर मॉडल केवल एक-इलेक्ट्रॉन तंत्रों जैसे H, He⁺, Li²⁺ पर लागू होता है। सामान्य एकल आवेश वाले आयनों (जैसे Li⁺) में अधिक इलेक्ट्रॉन होते हैं। (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q139. सिद्धांत क्वांटम संख्या तय करता है

(A) एक परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा
(B) नाभिक से इलेक्ट्रॉन की दूरी
(C) कुल कोणीय गति
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: मुख्य क्वांटम संख्या n मुख्य ऊर्जा स्तर (Eₙ ∝ −1/n²) और कोश का आकार या नाभिक से दूरी (rₙ ∝ n²) तय करती है। कुल कोणीय संवेग l और s पर निर्भर है। (A) और (B) सही: उत्तर (D)।

Q140. एक हाइड्रोजन परमाणु की दूसरी बोह्र की कक्षा की त्रिज्या, बोह्र त्रिज्या a₀ के संबंध में

(A) √2 a₀ है
(B) 8 a₀ है
(C) 4 a₀ है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 4 a₀ है
व्याख्या: rₙ = n²a₀, अतः n = 2 के लिए r = 4a₀।

Q141. प्लूटोनियम (₉₄Pu²³⁹)

(A) अत्यधिक स्थिर है
(B) अत्यधिक रेडियो सक्रिय है
(C) विखंडनीय है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: Pu-239 रेडियोधर्मी (अल्फा उत्सर्जक) है और विखंडनीय भी, जो रिएक्टरों और हथियारों में प्रयुक्त होता है। अतः (B) और (C) सही हैं और BPSC का उत्तर (D) है।

Q142. परमाणु प्रक्रिया पूरी करें : ₆C¹¹ → ₅B¹¹ + β⁺ + ______

(A) इलेक्ट्रॉन
(B) प्रोटोन
(C) विरोधी न्यूट्रिनो
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: β⁺ क्षय में एक प्रोटॉन न्यूट्रॉन बनता है और पॉज़िट्रॉन तथा न्यूट्रिनो (ν) निकलते हैं, एंटी-न्यूट्रिनो नहीं। न्यूट्रिनो विकल्पों में नहीं है, इसलिए उत्तर (E)।

Q143. P-प्रकार अर्धचालक बनाने के लिए किस तत्व का उपयोग किया जा सकता है?

(A) फ़ास्फ़रोस
(B) एंटीमनी
(C) आर्सेनिक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: फॉस्फोरस, एंटीमनी और आर्सेनिक पंचसंयोजी हैं और n-प्रकार अर्धचालक बनाते हैं। p-प्रकार के लिए त्रिसंयोजी अपमिश्रक (बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम, इंडियम) चाहिए, जो विकल्पों में नहीं; उत्तर (E)।

Q144. तापमान में वृद्धि के साथ धातुओं की प्रतिरोधकता

(A) बढ़ती है
(B) कम हो जाती है
(C) वही रहती है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) बढ़ती है
व्याख्या: धातुओं में ताप बढ़ने से आयन अधिक कंपन करते हैं, इलेक्ट्रॉन अधिक टकराते हैं और प्रतिरोधकता बढ़ती है: ρ = ρ₀(1 + αΔT)।

Q145. रेक्टिफिकेशन प्रक्रिया में

(A) एसी वोल्टेज (या करंट) को डीसी वोल्टेज (या करंट) में परिवर्तित किया जाता है
(B) डीसी वोल्टेज (या करंट) को एसी वोल्टेज (या करंट) में परिवर्तित किया जाता है
(C) एसी वोल्टेज (या करंट) को बढ़ाया जाता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) एसी वोल्टेज (या करंट) को डीसी वोल्टेज (या करंट) में परिवर्तित किया जाता है
व्याख्या: दिष्टकारी AC को DC में बदलता है। DC को AC में इन्वर्टर बदलता है, और प्रवर्धन एम्पलीफायर करता है।

Q146. निम्नलिखित में से कौन सा डायोड अग्र अभिनति इंगित करता है?

(A) [डायोड चिह्न, तीर दाईं ओर: एनोड (बाएँ) +2 V, कैथोड (दाएँ) 0 V]
(B) [डायोड चिह्न, तीर दाईं ओर: एनोड (बाएँ) −3 V, कैथोड (दाएँ) 0 V]
(C) [डायोड चिह्न, तीर दाईं ओर: एनोड (बाएँ) −2 V, कैथोड (दाएँ) −3 V]
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: डायोड अग्र अभिनत तब होता है जब उसका एनोड (p भाग) कैथोड से अधिक विभव पर हो। (A) में +2 V > 0 V और (C) में −2 V > −3 V, इसलिए दोनों अग्र अभिनत हैं; (B) पश्च अभिनत है। उत्तर (D)।

Q147. सामान्य बेस एम्पलीफायर में इनपुट और आउटपुट वोल्टेज के बीच कला अंतर

(A) π होता है
(B) π/2 होता है
(C) 0 होता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 0 होता है
व्याख्या: उभयनिष्ठ आधार प्रवर्धक में निर्गत वोल्टेज निवेश के साथ एक ही कला में होता है, इसलिए कलांतर 0 है। (उभयनिष्ठ उत्सर्जक में यह π होता है।)

Q148. एक सामान्य उत्सर्जक ट्रांजिस्टर एम्प्लीफायर में, ट्रांजिस्टर की धारा लब्धि 100 है, इनपुट प्रतिरोध rᵢ = 1 kΩ है और लोड प्रतिरोध 10 kΩ है। एम्प्लीफायर की वोल्टेज लब्धि क्या होगी?

(A) 500
(B) 1000
(C) 100
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) 1000
व्याख्या: वोल्टेज लब्धि = β × (RL/rᵢ) = 100 × (10 kΩ / 1 kΩ) = 1000।

Q149. एक NOR गेट में दो इनपुट A और B हैं। इसका आउटपुट Y इस प्रकार दिया जा सकता है

(A) Y = A + B
(B) Y = A + B
(C) Y = A · B
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: NOR का आउटपुट OR का पूरक है: Y = A + B। डी-मॉर्गन प्रमेय से यह A · B के बराबर है। अतः (B) और (C) दोनों सही: उत्तर (D)।

Q150. लॉजिक गेट में जब सभी इनपुट एक होते हैं, तो आउटपुट शून्य होता है। वह लॉजिक गेट है

(A) NAND गेट
(B) OR गेट
(C) AND गेट
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) NAND गेट
व्याख्या: NAND गेट केवल तभी 0 देता है जब सभी इनपुट 1 हों। सभी इनपुट 1 होने पर OR और AND दोनों 1 देते।

BPSC TRE भौतिकी की तैयारी कैसे करें

  • यह पेपर एक बार में टाइमर लगाकर हल करें: हर प्रश्न पर लगभग 1 मिनट।
  • हर ग़लत उत्तर की व्याख्या पढ़ें और वह अध्याय अपनी किताबों से दोहराएँ।
  • (D) एक से अधिक और (E) कोई नहीं पर ध्यान दें: हर विकल्प जाँचें, पहले सही दिखने वाले पर न रुकें।
  • सामान्य अध्ययन भी हल करें: BPSC TRE 3.0 सामान्य अध्ययन (कक्षा 11–12)।
  • ExamYaari ऐप पर टाइम वाले मॉक टेस्ट दें।

और संसाधन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

BPSC TRE 3.0 कक्षा 11–12 में भौतिकी के कितने प्रश्न थे?

पेपर के भाग III में भौतिकी के 80 प्रश्न (Q71–150) थे, कुल 150 में से।

क्या ये BPSC के आधिकारिक उत्तर हैं?

हाँ। उत्तर BPSC की संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी से हैं। व्याख्या ExamYaari ने लिखी है।

क्या BPSC TRE में नेगेटिव मार्किंग है?

TRE 3.0 में नेगेटिव मार्किंग नहीं थी: अंक सिर्फ़ सही उत्तरों पर मिले। TRE 4.0 के नियम अधिसूचना में देखें।

BPSC TRE 4.0 की परीक्षा कब है?

BPSC ने अभी तिथि घोषित नहीं की है। विज्ञापन सं. 15/2026 के आवेदन 3 नवंबर 2026 तक हैं।

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