BPSC TRE 3.0 हिंदी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024) आधिकारिक उत्तर सहित

BPSC TRE 3.0 हिंदी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024) आधिकारिक उत्तर सहित

BPSC TRE 3.0 हिंदी प्रश्न पत्र (कक्षा 11–12, 22 जुलाई 2024): भाग III के हिंदी के सभी 80 प्रश्न, BPSC की आधिकारिक संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी और हर प्रश्न की छोटी व्याख्या के साथ।

BPSC TRE 4.0 में 33,320 शिक्षक पदों पर आवेदन चल रहे हैं, जिनमें 16,540 पद कक्षा 11–12 के हैं। आपका विषय 150 में से 80 अंक का होता है, इसलिए पिछला पेपर हल करना हिंदी में BPSC का स्तर समझने का सबसे अच्छा तरीका है।

💡 Get AI-powered exam prep on your phone!

Download ExamYaari App

विषय सूची

BPSC TRE 3.0 हिंदी (कक्षा 11–12): परीक्षा का विवरण

परीक्षाBPSC विद्यालय अध्यापक (पुनः) परीक्षा, TRE 3.0 (विज्ञापन सं. 22/2024)
विषयहिंदी, कक्षा 11–12
परीक्षा तिथि22 जुलाई 2024, पहली पाली
पेपर150 प्रश्न, 150 अंक, 2 घंटे 30 मिनट
भाग Iभाषा (क्वालीफाइंग): Q1–30
भाग IIसामान्य अध्ययन: Q31–70 (यहाँ हल करें)
भाग IIIहिंदी: Q71–150 (इस पेज पर)
उत्तरBPSC संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी, पुस्तिका सीरीज़ E

BPSC TRE 3.0 हिंदी प्रश्न उत्तर सहित (Q71–150)

प्रश्न संख्या मूल प्रश्न पुस्तिका जैसी ही है। उत्तर BPSC की संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी से हैं; व्याख्या ExamYaari टीम ने लिखी है।

Q71. निम्नलिखित में भाववाचक संज्ञा है–

(A) सुन्दरता
(B) लड़की
(C) गंगा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) सुन्दरता
व्याख्या: ‘सुन्दरता’ (सुन्दर + ता) एक गुण/भाव का नाम है, इसलिए भाववाचक संज्ञा है; ‘लड़की’ जातिवाचक और ‘गंगा’ व्यक्तिवाचक संज्ञा है।

Q72. निम्नलिखित में से सर्वनाम की सही परिभाषा है –

(A) क्रिया के स्थान पर आने वाला शब्द
(B) विशेषण के स्थान पर आने वाला शब्द
(C) संज्ञा के स्थान पर आने वाला शब्द
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) संज्ञा के स्थान पर आने वाला शब्द
व्याख्या: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को सर्वनाम कहते हैं, जैसे – मैं, तुम, वह।

Q73. सर्वनाम कितने प्रकार के होते हैं ?

(A) 2
(B) 6
(C) 4
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) 6
व्याख्या: सर्वनाम के छह भेद हैं – पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक।

Q74. ‘वह धीरे –धीरे चलता है ।’ इस वाक्य में, ‘धीरे–धीरे’ क्या है?

(A) सर्वनाम
(B) विशेषण
(C) क्रिया – विशेषण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) क्रिया – विशेषण
व्याख्या: ‘धीरे–धीरे’ क्रिया ‘चलता है’ की रीति (ढंग) बताता है, इसलिए यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।

Q75. निम्नलिखित में से विशेषण शब्द नहीं है –

(A) प्रकृति
(B) काला
(C) दयालु
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) प्रकृति
व्याख्या: ‘प्रकृति’ संज्ञा है; ‘काला’ और ‘दयालु’ गुणवाचक विशेषण हैं।

Q76. ‘पेड़ से पत्ता गिरता है ।’ इस वाक्य में पेड़ शब्द का कारक है–

(A) कर्त्ता
(B) करण
(C) अपादान
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) अपादान
व्याख्या: यहाँ ‘से’ अलग होने का भाव बताता है (पत्ता पेड़ से अलग होता है), इसलिए ‘पेड़’ में अपादान कारक है।

Q77. निम्नलिखित में से एकवचन में प्रयुक्त होने वाला शब्द है –

(A) जनता
(B) वर्षा
(C) हवा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: ‘जनता’, ‘वर्षा’ और ‘हवा’ – तीनों सदा एकवचन में प्रयुक्त होते हैं, इसलिए उत्तर ‘उपर्युक्त में से एक से अधिक’ है।

Q78. निम्नलिखित में से तत्सम शब्द है –

(A) सत्य
(B) साँप
(C) सूत
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) सत्य
व्याख्या: ‘सत्य’ संस्कृत का मूल (तत्सम) शब्द है; ‘साँप’ (सर्प से) और ‘सूत’ (सूत्र से) तद्भव हैं।

Q79. कर्म तत्पुरुष समास वाले विकल्प का चयन कीजिए –

(A) हस्तलिखित
(B) तुलसीकृत
(C) वन–गमन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) वन–गमन
व्याख्या: ‘वन-गमन’ का विग्रह ‘वन को गमन’ है, जिसमें ‘को’ (कर्म कारक) का लोप है, अतः कर्म तत्पुरुष; ‘हस्तलिखित’ (हाथ से लिखित) और ‘तुलसीकृत’ (तुलसी द्वारा कृत) करण तत्पुरुष हैं।

Q80. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए –

(A) द्वन्द्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं ।
(B) तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता है ।
(C) अव्ययीभाव समास में प्रायः पहला पद प्रधान होता है ।
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं – द्वन्द्व में दोनों पद, तत्पुरुष में उत्तर (दूसरा) पद और अव्ययीभाव में पहला पद प्रधान होता है; अतः ‘एक से अधिक’ सही है।

Q81. निम्नलिखित में से कौन सा धनुष शब्द का पर्यायवाची शब्द है ?

(A) कृपाण
(B) पिनाक
(C) तरणी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) पिनाक
व्याख्या: ‘पिनाक’ (शिव का धनुष) धनुष का पर्यायवाची है; ‘कृपाण’ तलवार और ‘तरणी’ नौका का पर्याय है।

Q82. निम्नलिखित में से क्रिया–विशेषण वाक्य है –

(A) राधा कल आयेगी
(B) अरी ! क्या कर रही हो ?
(C) यह मेरा घर है और यह मेरे मित्र का
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) राधा कल आयेगी
व्याख्या: ‘राधा कल आयेगी’ में ‘कल’ कालवाचक क्रिया-विशेषण है जो क्रिया ‘आयेगी’ का समय बताता है; BPSC की अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार यही उत्तर है।

Q83. गुण संधि का उदाहरण है –

(A) फणीश्वर
(B) देवानन्द
(C) सुरेन्द्र
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) सुरेन्द्र
व्याख्या: सुर + इन्द्र = सुरेन्द्र (अ + इ = ए) गुण संधि है; फणी + ईश्वर = फणीश्वर और देव + आनन्द = देवानन्द दीर्घ संधि हैं।

Q84. यशोदा का सही संधि – विच्छेद होगा –

(A) यशो + दा
(B) यशः + दा
(C) यश + दाः
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) यशः + दा
व्याख्या: यशः + दा = यशोदा; विसर्ग से पहले ‘अ’ और बाद में घोष व्यंजन ‘द’ होने पर विसर्ग ‘ओ’ हो जाता है (विसर्ग संधि)।

Q85. ‘यह वही व्यक्ति है जो कल आया था’ – यह किस प्रकार का वाक्य है ?

(A) सरल वाक्य
(B) मिश्रित वाक्य
(C) संयुक्त वाक्य
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) मिश्रित वाक्य
व्याख्या: इसमें एक प्रधान उपवाक्य (यह वही व्यक्ति है) और ‘जो’ से जुड़ा आश्रित उपवाक्य (जो कल आया था) है, इसलिए यह मिश्रित (मिश्र) वाक्य है।

Q86. शुक्ल का विलोम होगा –

(A) असित
(B) काला
(C) कृष्ण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) कृष्ण
व्याख्या: शुक्ल का प्रचलित विलोम ‘कृष्ण’ है (जैसे शुक्ल पक्ष – कृष्ण पक्ष); BPSC की अंतिम उत्तर कुंजी में (C) सही है।

Q87. ‘बहिरंग’ का विलोम शब्द है –

(A) अतिरंग
(B) अंतरंग
(C) अनुरंग
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) अंतरंग
व्याख्या: ‘बहिरंग’ (बाहरी) का विलोम ‘अंतरंग’ (भीतरी) है।

Q88. कोयल का पर्यायवाची शब्द है –

(A) काग
(B) सुरभी
(C) पिक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) पिक
व्याख्या: ‘पिक’ कोयल का पर्यायवाची है; ‘काग’ कौआ है और ‘सुरभि’ का अर्थ गाय/सुगंध है।

Q89. ‘अनुचित बात के लिए आग्रह करना’ – वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा –

(A) दुर्गम
(B) दुराग्रह
(C) दुर्बोध
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) दुराग्रह
व्याख्या: अनुचित बात के लिए आग्रह करना ‘दुराग्रह’ कहलाता है; ‘दुर्गम’ = जहाँ जाना कठिन हो, ‘दुर्बोध’ = जो कठिनाई से समझ में आए।

Q90. शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन कीजिए –

(A) मैथिलीशरण
(B) वाल्मीकी
(C) वाल्मिकी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) मैथिलीशरण
व्याख्या: ‘मैथिलीशरण’ की वर्तनी शुद्ध है; ‘वाल्मीकि’ सही रूप है, इसलिए दिए गए ‘वाल्मीकी’ और ‘वाल्मिकी’ अशुद्ध हैं।

Q91. शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन कीजिए –

(A) ज्योत्सना
(B) ज्योतस्ना
(C) ज्योत्स्ना
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) ज्योत्स्ना
व्याख्या: शुद्ध वर्तनी ‘ज्योत्स्ना’ (त् + स् + न) है, जिसका अर्थ चाँदनी है।

Q92. निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए –

(A) महादेवी एक प्रसिद्ध कवि थी
(B) अभी चार बजा है
(C) सीता घर पर नहीं है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) सीता घर पर नहीं है
व्याख्या: ‘सीता घर पर नहीं है’ शुद्ध है; शुद्ध रूप होंगे – ‘महादेवी एक प्रसिद्ध कवयित्री थीं’ और ‘अभी चार बजे हैं’।

Q93. ‘आँखे बिछाना’ मुहावरे का अर्थ है –

(A) अत्यधिक प्रतीक्षा करना
(B) अधिक आदर–सत्कार करना
(C) अधिकांश सम्पत्ति दान करना
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) अधिक आदर–सत्कार करना
व्याख्या: ‘आँखें बिछाना’ का अर्थ है किसी का बहुत प्रेम और आदर से स्वागत-सत्कार करना।

Q94. ‘आधा तीतर आधा बटेर’ लोकोक्ति का अर्थ है –

(A) मिलावटी माल
(B) नकली माल
(C) धूर्तता एवं चालाकी दिखानें वाला
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: इस लोकोक्ति का अर्थ है ‘बेमेल चीज़ों का सम्मिश्रण’; BPSC की अंतिम उत्तर कुंजी की टिप्पणी के अनुसार दिए गए विकल्प सही अर्थ नहीं हैं, अतः (E) सही है।

Q95. ‘व्यायाम’ शब्द में कौन–सी संधि है ?

(A) वृद्धि संधि
(B) यण संधि
(C) गुण संधि
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) यण संधि
व्याख्या: वि + आयाम = व्यायाम; ‘इ’ के बाद भिन्न स्वर ‘आ’ आने पर ‘इ’ का ‘य्’ हो जाता है, यह यण संधि है।

Q96. ‘कीर्तिलता’ के रचनाकार हैं –

(A) चंदवरदायी
(B) जयदेव
(C) विद्यापति
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) विद्यापति
व्याख्या: ‘कीर्तिलता’ विद्यापति की अवहट्ठ में रचित कृति है।

Q97. सिद्धों की संख्या कितनी मानी जाती है ?

(A) 12
(B) 63
(C) 84
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) 84
व्याख्या: सिद्धों की संख्या परंपरागत रूप से 84 मानी जाती है।

Q98. हिन्दी साहित्य के आदिकाल से संबंधित सिद्ध कवि किस धर्म के अनुयायी थे ?

(A) जैन
(B) बौद्ध
(C) हिन्दु
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) बौद्ध
व्याख्या: सिद्ध कवि बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा के अनुयायी थे।

Q99. पृथ्वीराज रासो के रचनाकार कौन हैं ?

(A) चन्दवरदाई
(B) जगणिक
(C) परमाल
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) चन्दवरदाई
व्याख्या: ‘पृथ्वीराज रासो’ चन्दवरदाई की रचना है; जगणिक ‘परमाल रासो’ (आल्हखंड) के रचनाकार माने जाते हैं।

Q100. नाथों की संख्या कितनी मानी गयी है ?

(A) 18
(B) 9
(C) 27
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) 9
व्याख्या: नाथ पंथ में नाथों की संख्या नौ (नवनाथ) मानी गई है।

Q101. ‘संस्कृति के चार अध्याय’ – पुस्तक के लेखक है –

(A) रामधारी सिंह दिनकर
(B) फणीश्वर नाथ रेणु
(C) गोपाल सिंह नेपाली
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) रामधारी सिंह दिनकर
व्याख्या: ‘संस्कृति के चार अध्याय’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध गद्य कृति है, जिस पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

Q102. ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ पुस्तक के लेखक हैं –

(A) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
(B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
(C) रवीन्द्रनाथ टैगोर
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
व्याख्या: ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ (1929) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की प्रसिद्ध कृति है।

Q103. सिख धर्म के प्रवर्त्तक गुरु हैं –

(A) गुरुनानक
(B) गुरु गोविन्द सिंह
(C) रामदास
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) गुरुनानक
व्याख्या: सिख धर्म के प्रवर्तक (संस्थापक) गुरु नानक देव हैं।

Q104. रामचरितमानस में कितने काण्ड हैं ?

(A) 6
(B) 7
(C) 8
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) 7
व्याख्या: रामचरितमानस में सात काण्ड हैं – बाल, अयोध्या, अरण्य, किष्किन्धा, सुन्दर, लंका और उत्तर काण्ड।

Q105. ‘भक्तमाल’ के रचनाकार हैं –

(A) तुलसीदास
(B) नंददास
(C) नाभादास
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) नाभादास
व्याख्या: ‘भक्तमाल’ नाभादास की रचना है, जिसमें भक्त कवियों का परिचय है।

Q106. ‘बरवै नायिका भेद’ के रचनाकार हैं –

(A) रसखान
(B) रहीम
(C) कृष्णदास
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) रहीम
व्याख्या: ‘बरवै नायिका भेद’ अब्दुर्रहीम खानखाना (रहीम) की रचना है।

Q107. ‘रामचन्द्रिका’ के रचनाकार हैं –

(A) केशवदास
(B) कृपाराम
(C) कृष्णदास
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) केशवदास
व्याख्या: ‘रामचन्द्रिका’ आचार्य केशवदास की रचना है।

Q108. रीतिकाल के कवि हैं –

(A) कबीरदास
(B) विद्यापति
(C) बिहारी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) बिहारी
व्याख्या: बिहारी (‘बिहारी सतसई’) रीतिकाल के कवि हैं; कबीर भक्तिकाल और विद्यापति आदिकाल के कवि हैं।

Q109. ‘रानी केतकी की कहानी’ किसकी रचना हैं ?

(A) इंशा अल्ला खाँ
(B) सदल मिश्र
(C) सदासुखलाल नियाज
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) इंशा अल्ला खाँ
व्याख्या: ‘रानी केतकी की कहानी’ इंशा अल्ला खाँ की रचना है।

Q110. ‘शिवराज भूषण’ किस कवि की रचना है ?

(A) चिंतामणि
(B) ठाकुर
(C) भूषण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) भूषण
व्याख्या: ‘शिवराज भूषण’ कवि भूषण की रचना है, जिसमें शिवाजी की प्रशंसा है।

Q111. ‘बतरस लालय लाल की, मुरली धरी लुकाइ ।’ – काव्य–पंक्ति के रचनाकार हैं –

(A) बिहारी
(B) मतिराम
(C) केशव
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) बिहारी
व्याख्या: यह बिहारी सतसई का प्रसिद्ध दोहा है – ‘बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाइ’ (प्रश्न-पत्र में ‘लालच’ की जगह ‘लालय’ छपा है)।

Q112. ‘परीक्षा गुरु’ उपन्यास के लेखक हैं ?

(A) बालकृष्ण भट्ट
(B) लाला श्रीनिवास दास
(C) गोपालराम गहमरी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) लाला श्रीनिवास दास
व्याख्या: ‘परीक्षा गुरु’ (1882) लाला श्रीनिवास दास का उपन्यास है, जिसे आचार्य शुक्ल ने अंग्रेज़ी ढंग का हिन्दी का पहला मौलिक उपन्यास माना।

Q113. ‘भारत–भारती’ किस कवि की रचना है ?

(A) प्रेमचंद
(B) जयशंकर प्रसाद
(C) मैथिलीशरण गुप्त
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) मैथिलीशरण गुप्त
व्याख्या: ‘भारत-भारती’ मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध राष्ट्रीय काव्य-रचना है।

Q114. ‘गोदान’ उपन्यास के उपन्यासकार हैं –

(A) यशपाल
(B) प्रेमचंद
(C) जैनेन्द्र
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) प्रेमचंद
व्याख्या: ‘गोदान’ (1936) प्रेमचंद का अंतिम पूर्ण उपन्यास है।

Q115. छायावाद का समय प्रायः माना जाता है –

(A) 1900-1915 ई.
(B) 1918-1936 ई.
(C) 1900-1936 ई.
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) 1918-1936 ई.
व्याख्या: छायावाद का काल सामान्यतः 1918 से 1936 ई. तक माना जाता है।

Q116. ‘संसद से सडक तक’ किसकी रचना है ?

(A) सूदामा पाण्डेय धूमिल
(B) रामधारी सिंह दिनकर
(C) विनोद कुमार शुक्ल
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) सूदामा पाण्डेय धूमिल
व्याख्या: ‘संसद से सड़क तक’ सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’ का काव्य-संग्रह है।

Q117. ‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं –

(A) सुदर्शन
(B) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
(C) वेद प्रकाश मिश्र
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
व्याख्या: ‘उसने कहा था’ (1915) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की प्रसिद्ध कहानी है।

Q118. ‘कामायनी’ किस विधा की रचना है ?

(A) काव्य
(B) कहानी
(C) उपन्यास
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) काव्य
व्याख्या: ‘कामायनी’ जयशंकर प्रसाद का महाकाव्य है, अतः यह काव्य विधा की रचना है।

Q119. तारसप्तक का संपादन करने वाले व्यक्ति हैं –

(A) प्रेमचंद
(B) अज्ञेय
(C) निराला
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) अज्ञेय
व्याख्या: ‘तार सप्तक’ (1943) का संपादन अज्ञेय ने किया था।

Q120. ‘तीसरी कसम’ कहानी के लेखक हैं –

(A) फणीश्वर नाथ रेणु
(B) नागार्जुन
(C) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) फणीश्वर नाथ रेणु
व्याख्या: ‘तीसरी कसम’ (मारे गए गुलफाम) फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की कहानी है।

Q121. ‘मैला आँचल’ किस विधा की रचना है ?

(A) कहानी
(B) उपन्यास
(C) नाटक
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) उपन्यास
व्याख्या: ‘मैला आँचल’ (1954) फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ का प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास है।

Q122. ‘कवि वचन सुधा’ पत्रिका का संपादन किसने किया ?

(A) भारतेंदु हरिश्चन्द्र
(B) बदरीनारायण चौधरी प्रेमधन
(C) बालकृष्ण भट्ट
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) भारतेंदु हरिश्चन्द्र
व्याख्या: ‘कवि वचन सुधा’ (1868) का संपादन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने किया; बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ ‘आनंद कादंबिनी’ और बालकृष्ण भट्ट ‘हिंदी प्रदीप’ से जुड़े थे।

Q123. ‘निराला की साहित्य साधना’ – पुस्तक के लेखक कौन हैं ?

(A) रामचन्द्र शुक्ल
(B) रामविलास शर्मा
(C) नंद दुलारे वाजपेयी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) रामविलास शर्मा
व्याख्या: ‘निराला की साहित्य साधना’ डॉ. रामविलास शर्मा की कृति है, जिस पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

Q124. ‘सतपुड़ा के जंगल’ किसकी रचना है ?

(A) नरेन्द्र शर्मा
(B) भवानी प्रसाद मिश्र
(C) प्रभाकर याचके
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) भवानी प्रसाद मिश्र
व्याख्या: ‘सतपुड़ा के घने जंगल’ भवानी प्रसाद मिश्र की प्रसिद्ध कविता है।

Q125. ‘शिरीष के फूल’ की रचना की –

(A) हजारी प्रसाद द्विवेदी ने
(B) रामचन्द्र शुक्ल ने
(C) जयशंकर प्रसाद ने
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी ने
व्याख्या: ‘शिरीष के फूल’ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का ललित निबंध है।

Q126. निम्न में कौन सी कहानी फणीश्वर नाथ रेणु रचित नहीं है ?

(A) संवदिया
(B) ठेस
(C) हार की जीत
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) हार की जीत
व्याख्या: ‘हार की जीत’ सुदर्शन की कहानी है; ‘संवदिया’ और ‘ठेस’ रेणु की कहानियाँ हैं।

Q127. ‘बादल राग’ कविता के रचनाकार हैं –

(A) शमशेर
(B) त्रिलोचन
(C) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
व्याख्या: ‘बादल राग’ सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता है।

Q128. ‘कफन’ कहानी के लेखक हैं –

(A) प्रेमचंद
(B) ममता कालिया
(C) भगवती चरण वर्मा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) प्रेमचंद
व्याख्या: ‘कफ़न’ (1936) प्रेमचंद की अंतिम प्रसिद्ध कहानियों में से है।

Q129. जहाँ कोई वापसी नहीं के लेखक हैं –

(A) भीष्म साहनी
(B) निर्मल वर्मा
(C) रघुवीर सहाय
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) निर्मल वर्मा
व्याख्या: ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ निर्मल वर्मा का निबंध है।

Q130. प्रेमधन की छाया–स्मृति के लेखक हैं –

(A) केदारनाथ सिंह
(B) रघुवीर सहाय
(C) रामचन्द्र शुक्ल
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) रामचन्द्र शुक्ल
व्याख्या: ‘प्रेमघन की छाया-स्मृति’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का संस्मरणात्मक निबंध है (प्रश्न-पत्र में ‘प्रेमघन’ को ‘प्रेमधन’ छापा गया है)।

निम्नलिखित अंश पढ़कर Q131, Q132, Q133, Q134, Q135 के उत्तर दीजिए:
गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे गये प्रश्नों का उत्तर दीजिए –
संसार में शांति, व्यवस्था और सद्भावना के प्रसार के लिए, ईसा मसीह, बुद्ध, चैतन्य, नानक आदि महापुरुषों ने धर्म के माध्यम से मनुष्य को परम कल्याण के पथ का निर्देश किया, किन्तु बाद में यही धर्म मनुष्य के हाथ में एक अस्त्र बन गया । धर्म के नाम पर पृथ्वी पर जितना रक्तपात हुआ उतना और किसी कारण से नहीं । पर धीरे–धीरे मनुष्य अपनी शुभ बुद्धि से धर्म के कारण होनेवाले अनर्थ को समझने लग गया । भौगोलिक सीमा और धार्मिक विश्वासजनित भेदभाव अब धरती से मिटते जा रहे हैं। विज्ञान की प्रगति और संचार साधनों में वृद्धि के कारण देशों की दूरियाँ कम हो गई हैं । वर्ग–भेद के कारण मानव–मानव में घृणा, ईर्ष्या, वैमतस्य, कटुता में कमी नहीं आई । मानवीय मूल्यों के महत्व के प्रति जागरुकता उत्पन्न करने का एकमात्र साधन है शिक्षा का व्यापक प्रसार ।

Q131. विज्ञान की प्रगति और संचार के साधनों में वृद्धि का परिणाम है ?

(A) देशों में भिन्नता बढ़ी
(B) देशों की दूरियाँ कम हुई
(C) देशों में वैमनस्यता बढ़ी
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) देशों की दूरियाँ कम हुई
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार विज्ञान की प्रगति और संचार साधनों में वृद्धि के कारण देशों की दूरियाँ कम हो गई हैं।

Q132. मनुष्य धर्म के कारण होने वाले अनर्थ को कैसे समझने लगा –

(A) वर्ण–भेद से
(B) अपनी शुभ बुद्धि से
(C) संतों के अनुभव से
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) अपनी शुभ बुद्धि से
व्याख्या: गद्यांश में लिखा है – ‘धीरे-धीरे मनुष्य अपनी शुभ बुद्धि से धर्म के कारण होनेवाले अनर्थ को समझने लग गया।’

Q133. मानवीय मूल्यों के प्रति जागरुकता उत्पन्न करने का माध्यम है –

(A) धर्म का व्यापक प्रसार
(B) अर्थ का व्यापक प्रसार
(C) शिक्षा का व्यापक प्रसार
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) शिक्षा का व्यापक प्रसार
व्याख्या: गद्यांश के अंतिम वाक्य के अनुसार मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता का एकमात्र साधन शिक्षा का व्यापक प्रसार है।

Q134. किस कारण से मानव के बीच घृणा, ईर्ष्या, वैमनस्यता एवं कटुता में कमी नहीं आई ?

(A) अमीरी–गरीबी के कारण
(B) वर्ण–भेद के कारण
(C) व्यापार के कारण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या: गद्यांश में इसका कारण ‘वर्ग-भेद’ बताया गया है, जो किसी विकल्प में नहीं है (विकल्प B ‘वर्ण-भेद’ है); BPSC की अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार उत्तर (E) है।

Q135. गद्यांश के अनुसार पृथ्वी पर सर्वाधिक रक्तपात किसके कारण हुआ ?

(A) धर्म के कारण
(B) अर्थ के कारण
(C) शांति के कारण
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) धर्म के कारण
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार ‘धर्म के नाम पर पृथ्वी पर जितना रक्तपात हुआ उतना और किसी कारण से नहीं’।

निम्नलिखित अंश पढ़कर Q136, Q137, Q138, Q139, Q140 के उत्तर दीजिए:
निर्देश– निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
कार्य का महत्व और उसकी सुन्दरता उसके समय पर संपादित किये जाने पर ही है । अत्यंत सुधड़ता से किया हुआ कार्य की यदि आवश्यकता के पूर्व न पूरा हो सके तो उसका किया जाता निष्फल ही समझा जाता है । चिडियों द्वारा खेत–चुग लिए जाने पर यदि रखवाला उसकी सुरक्षा की व्यवस्था करे तो सर्वत्र उपहास का पात्र ही बनेगा । उसके देर से किये गये उद्यम का कोई मूल्य नहीं होगा । श्रम का गौरव तभी है जब उसका लाभ किसी को मिल सके । इसी कारण यदि बादलों द्वारा बरसाया गया जल कृषक की फसल को फुलने–फलने में मदद नहीं कर सकता तो उसका बरसना व्यर्थ ही है । अवसर का सदुपयोग न करने वाले व्यक्ति को इसी कारण पश्चाताप करना पड़ता है ।

Q136. जीवन में समय का महत्व क्यों है?

(A) लोग समय की परवाह नहीं करते
(B) समय काम करने की प्रेरणा देता है
(C) समय पर किया गया काम सफल होता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) समय पर किया गया काम सफल होता है
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार कार्य का महत्व और सुन्दरता उसके समय पर पूरा होने में ही है, यानी समय पर किया गया काम ही सफल होता है।

Q137. बादल का बरसना व्यर्थ है, यदि –

(A) गरमी शांत न हो
(B) फसल को लाभ न हो
(C) बाढ़ न आ जाए
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) फसल को लाभ न हो
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार यदि बादलों का जल फसल को फूलने-फलने में मदद नहीं करता तो उसका बरसना व्यर्थ है।

Q138. खेत का रखवाला कब उपहास का पात्र बनता है ?

(A) जब खेत में पौधे नहीं उगते
(B) समय पर खेत की रखवाली नहीं करने पर
(C) चिडियों का इंतजार करता रहता है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) समय पर खेत की रखवाली नहीं करने पर
व्याख्या: चिड़ियों के खेत चुग लेने के बाद सुरक्षा की व्यवस्था करने वाला, अर्थात समय पर रखवाली न करने वाला रखवाला उपहास का पात्र बनता है।

Q139. गद्यांश का मुख्य भाव क्या है ?

(A) समय का सदुपयोग
(B) बादल का बरसना
(C) किसान का पछतावा करना
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) समय का सदुपयोग
व्याख्या: पूरा गद्यांश समय पर कार्य करने और अवसर का सदुपयोग करने पर केन्द्रित है।

Q140. ‘चिड़ियों द्वारा खेत चुग लिये जाने पर यदि रखवाला उसकी सुरक्षा की व्यवस्था करे तो सर्वत्र उपहास का पात्र ही बनेगा ।’ इस पदबंध का प्रकार होगा –

(A) क्रिया
(B) सर्वनाम
(C) संज्ञा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) संज्ञा
व्याख्या: BPSC की अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार इसका उत्तर ‘संज्ञा’ (संज्ञा पदबंध) है; ध्यान दें कि दिया गया अंश वास्तव में एक पूरा वाक्य है, इसलिए यह प्रश्न विवादास्पद माना जा सकता है।

निम्नलिखित अंश पढ़कर Q141, Q142, Q143, Q144 के उत्तर दीजिए:
निर्देश– साहित्य का आधार जीवन है । इसी आधार पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है । उसकी अटारियाँ, मीनार और गुंबद बनते हैं । लेकिन बुनियाद मिट्टी के नीचे दबी पडीं है । जीवन परमात्मा की सृष्टि है । इसलिए सुबोध है, सुगम है और मर्यादाओं से परिमित है । जीवन परमात्मा को अपने कामों का जवाबदेह है । या नहीं हमें मालूम नहीं, लेकिन साहित्य मनुष्य के सामने जवाबदेह है । इसके लिए कानून है जिनसे वह इधर–उधर नहीं जा सकता । मनुष्य जीवनपर्यंत आनंद की खोज में लगा रहता है । किसी को यह रत्न, द्रव्य में मिलता है, किसी को ऐश्वर्य में । लेकिन साहित्य का आनंद इस से ऊँचा है । उसका आधार सत्य और सुन्दर है । वास्तव में सच्चा आनंद सत्य और सुन्दर से मिलता है । उसी आनंद को दर्शाना, वही आनंद उत्पन्न करना साहित्य का उद्देश्य है ।

Q141. मनुष्य किसकी खोज में जीवन भर लगा रहता है ?

(A) परमात्मा की
(B) साहित्य की
(C) आनंद की
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) आनंद की
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार ‘मनुष्य जीवनपर्यंत आनंद की खोज में लगा रहता है’।

Q142. साहित्य के आनंद का आधार है

(A) जीवन
(B) सुंदर और सत्य को पाना
(C) परमात्मा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) सुंदर और सत्य को पाना
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार साहित्य के आनंद का आधार सत्य और सुन्दर है।

Q143. परिमिति का अर्थ है –

(A) सीमित
(B) दबा हुआ
(C) विस्मृत
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) सीमित
व्याख्या: ‘परिमित’ का अर्थ है सीमित (सीमा में बँधा हुआ); गद्यांश में जीवन को ‘मर्यादाओं से परिमित’ कहा गया है।

Q144. साहित्य और जीवन में गहरा संबंध है, क्योंकि –

(A) जीवन का मुख्य आधार साहित्य है
(B) साहित्य जीवन की मजबूत दीवार है
(C) साहित्य का आधार जीवन है
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) साहित्य का आधार जीवन है
व्याख्या: गद्यांश का पहला वाक्य ही है – ‘साहित्य का आधार जीवन है’।

Q145. ‘लंबे–चौड़े भवन में’ वाक्य में लंबे–चाड़े व्याकरण की दृष्टि से क्या है ?

(A) क्रिया
(B) विशेषण
(C) संज्ञा
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) विशेषण
व्याख्या: ‘लंबे-चौड़े’ संज्ञा ‘भवन’ की विशेषता (आकार) बताता है, इसलिए विशेषण है।

निम्नलिखित अंश पढ़कर Q146, Q147, Q148, Q149, Q150 के उत्तर दीजिए:
निर्देश– निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके आधार पर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
विद्यार्थी जीवन ही वह समय है जिसमें बच्चों के चरित्र, व्यवहार, आचरण को जैसा चाहे, वैसा रुप दिया जा सकता है । यह अवस्था भावी वृक्ष की उस कोमल शाखा की भाँति है, जिसे जिधर चाहों मोड़ा जा सकता है । पूर्णतः विकसित वृक्ष की शाखाओं को मोड़ना संभव नहीं । उन्हें मोड़ने का प्रयास करने पर वे टूट तो सकती हैं पर मुड़ नहीं सकतीं । छात्रावस्था उस खेत चादर की तरह होती है जिसमें जैसा प्रभाव डालना हो, डाला जा सकता है । सफेद चादर पर एक रंग जो चढ़ गया, सो चढ़ गया, फिर से वह पूर्वावस्था को प्राप्त नहीं हो सकती । इसीलिए प्राचीन काल से ही विद्यार्थी जीवन के महत्व को स्वीकार किया गया है । इसी अवस्था से सुसंस्कार और सद्धृतियाँ पोषित की जा सकती हैं । इसीलिए प्राचीन समय में बालक को घर से दूर गुरुकुल में रहकर कठोर अनुशासन का पालन करना होता था ।

Q146. व्यवहार में सुधार का उचित समय होता है –

(A) वृद्धावस्था
(B) प्रौढ़ावस्था
(C) छात्रावस्था
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) छात्रावस्था
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार विद्यार्थी जीवन (छात्रावस्था) में ही बच्चों के चरित्र और व्यवहार को मनचाहा रूप दिया जा सकता है।

Q147. छात्रावस्था की तुलना की गई है –

(A) सफेद चादर से
(B) विकसित वृक्ष से
(C) अविकसित वृक्ष से
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या: गद्यांश में छात्रावस्था की तुलना भावी (अविकसित) वृक्ष की कोमल शाखा और सफेद चादर – दोनों से की गई है; BPSC की अंतिम कुंजी की टिप्पणी के अनुसार (D) सही है।

Q148. छात्रों को गुरुकुल में क्यों छोड़ा जाता था ?

(A) घर से दूर रखने के लिए
(B) कठोर अनुशासन के लिए
(C) धन अर्जित करने के लिए
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (B) कठोर अनुशासन के लिए
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार बालक को गुरुकुल में रहकर कठोर अनुशासन का पालन करना होता था।

Q149. इनमें से किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग नहीं किया गया है ?

(A) महत्त्व
(B) सुसंस्कार
(C) अनुशासन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (A) महत्त्व
व्याख्या: ‘महत्त्व’ (महत् + त्व) में ‘त्व’ प्रत्यय है, उपसर्ग नहीं; ‘सुसंस्कार’ में ‘सु’ और ‘अनुशासन’ में ‘अनु’ उपसर्ग है।

Q150. प्रस्तुत गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक का चयन कीजिए –

(A) चरित्र और व्यवहार
(B) छात्र एक वृक्ष
(C) विद्यार्थी जीवन
(D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (C) विद्यार्थी जीवन
व्याख्या: पूरा गद्यांश विद्यार्थी जीवन के महत्व पर केन्द्रित है, इसलिए ‘विद्यार्थी जीवन’ उपयुक्त शीर्षक है।

BPSC TRE हिंदी की तैयारी कैसे करें

  • यह पेपर एक बार में टाइमर लगाकर हल करें: हर प्रश्न पर लगभग 1 मिनट।
  • हर ग़लत उत्तर की व्याख्या पढ़ें और वह अध्याय अपनी किताबों से दोहराएँ।
  • (D) एक से अधिक और (E) कोई नहीं पर ध्यान दें: हर विकल्प जाँचें, पहले सही दिखने वाले पर न रुकें।
  • सामान्य अध्ययन भी हल करें: BPSC TRE 3.0 सामान्य अध्ययन (कक्षा 11–12)।
  • ExamYaari ऐप पर टाइम वाले मॉक टेस्ट दें।

और संसाधन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

BPSC TRE 3.0 कक्षा 11–12 में हिंदी के कितने प्रश्न थे?

पेपर के भाग III में हिंदी के 80 प्रश्न (Q71–150) थे, कुल 150 में से।

क्या ये BPSC के आधिकारिक उत्तर हैं?

हाँ। उत्तर BPSC की संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी से हैं। व्याख्या ExamYaari ने लिखी है।

क्या BPSC TRE में नेगेटिव मार्किंग है?

TRE 3.0 में नेगेटिव मार्किंग नहीं थी: अंक सिर्फ़ सही उत्तरों पर मिले। TRE 4.0 के नियम अधिसूचना में देखें।

BPSC TRE 4.0 की परीक्षा कब है?

BPSC ने अभी तिथि घोषित नहीं की है। विज्ञापन सं. 15/2026 के आवेदन 3 नवंबर 2026 तक हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *