दिल्ली उच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 के तहत “विस्मृति के अधिकार” की रूपरेखा तय की
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 मई, 2026 को लक्ष वीर सिंह यादव बनाम भारत संघ मामले में एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए भारत में पहली बार “विस्मृति के अधिकार” (Right to be Forgotten) पर एक संरचित न्यायिक सिद्धांत प्रस्तुत किया है। यह अधिकार किसी व्यक्ति को पुरानी, अप्रासंगिक अथवा पूर्वाग्रहपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक डिजिटल…