25 जून 2026 को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने NFSA, 2013 में प्रस्तावित संशोधनों का मसौदा जारी किया। इस संशोधन ने भारत के सबसे गरीब नागरिकों के लिए खाद्य हकदारी की प्रकृति पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत बहस छेड़ दी है। NFSA की धारा 3 में प्रस्तावित संशोधन अंत्योदय अन्न योजना (AAY) को परिवार-आधारित 35 किग्रा प्रति परिवार आवंटन से बदलकर प्रति व्यक्ति 7 किग्रा प्रति माह (परिवार अधिकतम 35 किग्रा) करना चाहता है।
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013
पाँच महत्वपूर्ण मुख्य बिंदु
- NFSA, 2013, लगभग 81.35 करोड़ व्यक्तियों को कवर करता है; PHH सदस्यों को 5 किग्रा/व्यक्ति/माह और AAY परिवारों को 35 किग्रा/परिवार/माह मिलता है।
- प्रस्तावित संशोधन AAY आवंटन को 7 किग्रा/व्यक्ति/माह (अधिकतम 35 किग्रा/परिवार) करेगा।
- केरल और अन्य दक्षिणी राज्यों का तर्क है कि संशोधन उनकी कुल आवंटन को कम करेगा: 7 किग्रा × 4 = 28 किग्रा, वर्तमान 35 से कम।
- ‘राइट टू फूड कैंपेन’ AAY कार्डधारकों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह 14 किग्रा की माँग कर रहा है।
- जनगणना की देरी का अर्थ है कि AAY लाभार्थी सूचियाँ जनसंख्या वृद्धि के लिए अद्यतन नहीं की गई हैं।
खाद्य सुरक्षा विधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
PDS की जड़ें द्वितीय विश्व युद्ध काल तक जाती हैं। 1997 में लक्षित PDS (TPDS) ने APL और BPL श्रेणियाँ बनाईं। दिसम्बर 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना शुरू की। NFSA, 2013 ने खाद्य हकदारियों को कानूनी अधिकारों में परिवर्तित किया।
संवैधानिक एवं विधिक ढाँचा
उच्चतम न्यायालय ने ‘भोजन के अधिकार’ को अनुच्छेद 21 के तहत प्रगतिशील रूप से मान्यता दी है। ‘PUCL बनाम भारत संघ’ (2001) मामले ने कल्याण योजनाओं को कानूनी हकदारियों का ढाँचा तैयार किया।
आर्थिक एवं राजकोषीय निहितार्थ
FY 2024-25 में भारत की खाद्य सब्सिडी लगभग ₹2.05 लाख करोड़ थी। NFHS-5 डेटा दर्शाता है कि 5 वर्ष से कम उम्र के 35.5 प्रतिशत बच्चे अवरुद्ध विकास और 32.1 प्रतिशत कम वजन से पीड़ित हैं।
उत्तर-दक्षिण विभाजन और संघवाद
दक्षिणी राज्यों का औसत परिवार आकार 3.5 से 4.5 सदस्य है, जबकि उत्तरी राज्यों में 5 से 6 सदस्य। प्रस्तावित सूत्र के तहत दक्षिणी परिवार 21-28 किग्रा प्राप्त करेंगे (वर्तमान 35 से कम), जबकि उत्तरी परिवार 35-42 किग्रा। यह जनसांख्यिकीय उपलब्धि को दंडित करने की स्थिति पैदा करता है।
बिहार से संबंध
बिहार में भारत के सबसे बड़े औसत परिवार आकारों (5-6 सदस्य) में से एक है, अर्थात् AAY परिवारों को 35 किग्रा या अधिक मिलेगा। विलंबित जनगणना का अर्थ है कि बिहार की बढ़ती जनसंख्या — जो 13 करोड़ से अधिक हो गई है — वर्तमान NFSA लाभार्थी सूचियों में पूरी तरह से परिलक्षित नहीं हो सकती।
आगे की राह
प्रति व्यक्ति हकदारी प्रस्तावित 7 किग्रा से बढ़ाकर कम से कम 10 किग्रा की जाए। AAY लाभार्थी सूची को उपग्रह-आधारित निर्धनता मानचित्रण का उपयोग करके अद्यतन किया जाए। ICMR सिफारिशों के अनुरूप दलहन और खाद्य तेल को खाद्य सुरक्षा टोकरी में शामिल किया जाए। 2021 की जनगणना डेटा उपलब्ध होने तक संशोधन को स्थगित किया जाए।
UPSC और SSC परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता
GS-II: NFSA 2013, AAY, TPDS, PDS, खाद्य सुरक्षा नीति, संघवाद। GS-III: खाद्य सब्सिडी, कुपोषण डेटा (NFHS-5)। GS-IV: वितरणात्मक न्याय। स्मरणीय शब्द: NFSA 2013, AAY, PHH, PDS, TPDS, राइट टू फूड कैंपेन, ICMR, अनुच्छेद 21, PUCL केस।