चिकित्सा विधिक विज्ञान का आधुनिकीकरण: ‘पीसीपीएनडीटी अधिनियम’ को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुरूप ढालने की आवश्यकता
ऐतिहासिक सामाजिक-जनसांख्यिकीय कानूनों (socio-demographic laws) और तीव्र तकनीकी विकास के बीच का बढ़ता विरोधाभास भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य विनियामक प्रणाली के सामने एक बड़ी चुनौती है । यह विषय हाल ही में आए उन नैदानिक और लोक नीति मूल्यांकनों के कारण चर्चा में आया है जो वर्ष 1994 के ‘गर्भाधान-पूर्व और प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT)…