27 जून 2026 को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी NCB की वार्षिक रिपोर्ट 2026 और NDPS अधिनियम, 1985 में प्रस्तावित संशोधन की घोषणा भारत की मादक-रोधी रणनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। तालिबान के 2022 के अफगानिस्तान में अफीम खेती पर प्रतिबंध के बाद — जिसने अफगान अफीम उत्पादन को 93 प्रतिशत कम कर दिया — म्यांमार एक वैकल्पिक वैश्विक अफीम स्रोत के रूप में उभरा है।
म्यांमार में अफीम की अवैध खेती 2021 और 2023 के बीच लगभग 56 प्रतिशत बढ़ी, शान राज्य में खसखस की खेती का क्षेत्रफल 45,200 हेक्टेयर तक पहुँच गया। पाकिस्तान से ड्रोन-आधारित मादक तस्करी में पाँच वर्षों में सौ गुना वृद्धि हुई है, 2025 में 305 घटनाएँ दर्ज हुईं।
पृष्ठभूमि: भारत की मादक समस्या और म्यांमार का ‘गोल्डन ट्राइएंगल’
पाँच महत्वपूर्ण मुख्य बिंदु
- म्यांमार के शान राज्य में 2021-2023 के बीच अफीम की अवैध खेती लगभग 56 प्रतिशत बढ़ी, क्षेत्रफल 45,200 हेक्टेयर तक पहुँचा।
- पाकिस्तान से भारत में ड्रोन-आधारित मादक तस्करी 2021 के मात्र 3 से बढ़कर 2025 में 305 हो गई।
- 2025 में मिजोरम में 1,477 किग्रा ATS जब्त किए गए, जो देश में कुल जब्ती 3,485 किग्रा का 42 प्रतिशत है।
- विजन दस्तावेज 2026-2029 ‘पहचानो, बाधित करो और नष्ट करो’ के तीन स्तंभों पर आधारित है।
- प्रस्तावित NDPS अधिनियम संशोधन ड्रोन-आधारित तस्करी और डिजिटल वित्तीय प्रवाह को संबोधित करेगा।
NDPS अधिनियम की ऐतिहासिक एवं विधायी पृष्ठभूमि
NDPS अधिनियम, 1985, को 1988, 2001 और 2014 में कई बार संशोधित किया गया। 2001 के संशोधन ने धारा 27A को शामिल किया, जो न्यायालयों को सजा में आरोपी की मादक निर्भरता पर विचार करने में सक्षम बनाता है।
मादक पदार्थ अवरोधन में प्रौद्योगिकी
2021 में 3 घटनाओं से 2025 में 305 तक की 100 गुना वृद्धि तस्करी नेटवर्क की बढ़ती परिचालन परिपक्वता को दर्शाती है। NCB का विजन दस्तावेज AI-सक्षम प्रोफाइलिंग की माँग करता है।
म्यांमार का मादक अर्थव्यवस्था और पूर्वोत्तर भारत की भेद्यता
भारत-म्यांमार सीमा के साथ मुक्त आवाजाही व्यवस्था (FMR) को 2023 में भारत ने सुरक्षा चिंताओं के कारण निलंबित कर दिया। मणिपुर का जातीय संघर्ष, जो मई 2023 में भड़का, ने मादक-रोधी अभियानों को जटिल बना दिया। तस्करों ने मिजोरम के माध्यम से अपने मार्ग बदल लिए।
बिहार से संबंध
बिहार पूर्वोत्तर गलियारे से सिंथेटिक दवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पारगमन राज्य है। सीमांचल क्षेत्र — अरारिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिले — को ड्रग पारगमन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
आगे की राह
पाकिस्तान सीमा पर काउंटर-ड्रोन प्रणालियों में प्रौद्योगिकी निवेश को नाटकीय रूप से बढ़ाया जाए। NDPS अधिनियम संशोधन में AI-सक्षम निगरानी और ड्रोन-सुगम तस्करी के लिए विशिष्ट अपराध श्रेणियाँ शामिल की जाएं। मादक निर्भरता के लिए उपचार अवसंरचना का विस्तार किया जाए। NCORD को वैधानिक दर्जा दिया जाए।
UPSC और SSC परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता
GS-III: मादक तस्करी मार्ग, NDPS अधिनियम, NCB, सीमा प्रबंधन, ड्रोन, AI। GS-II: सरकारी संस्थान — NCB, NCORD, NDPS न्यायालय। स्मरणीय शब्द: NDPS अधिनियम 1985, NCB, NCORD, गोल्डन ट्राइएंगल, FMR, ड्रोन तस्करी, ATS, याबा टैबलेट, NDPS न्यायालय।